रमेश गुर्जर
मनासा। करीब एक माह से हल्की-फुल्की फुहारों और ठंडी हवाओं के बीच अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे मनासा क्षेत्र के लोगों को आखिरकार बुधवार शाम राहत मिली। नगर में लंबे समय बाद गिले होने जैसी झमाझम बारिश हुई, जिससे किसानों और आम नागरिकों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी।
बारिश शुरू होते ही बाजारों और सड़कों पर पानी भर गया। कई लोग दुकानों और शेड के नीचे बारिश रुकने का इंतजार करते नजर आए, जबकि कुछ ने इस मौसम का आनंद लिया। लंबे समय से पर्याप्त वर्षा नहीं होने के कारण किसान अपनी फसलों को लेकर चिंतित थे। इस बारिश से खेतों में खड़ी सोयाबीन, मक्का एवं अन्य खरीफ फसलों को संजीवनी मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।

किसानों का कहना है कि पिछले एक माह से केवल हल्की फुहारें पड़ रही थीं, जिससे फसल किसी तरह ठंडी हवा और नमी के सहारे टिकी हुई थी। अब हुई अच्छी बारिश से फसलों की बढ़वार में तेजी आने की संभावना है। यदि आने वाले दिनों में भी इसी तरह अच्छी वर्षा होती रही तो खरीफ फसलों को बड़ा लाभ मिलेगा, लेकिन यदि बारिश फिर थम जाती है तो क्षेत्र में सूखे जैसी स्थिति बनने और किसानों को भारी नुकसान होने की आशंका बनी रहेगी।
इधर किसानों के बीच खाद वितरण व्यवस्था को लेकर भी चिंता बढ़ रही है। कई किसानों का कहना है कि ऑनलाइन व्यवस्था के बाद पट्टाधारी, लीजधारी तथा दंड रसीद के आधार पर कब्जाधारी किसानों को खाद मिलने को लेकर असमंजस की स्थिति है। ऐसे में विशेष रूप से डूब एवं पठार क्षेत्र के किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि खाद वितरण में सभी पात्र किसानों के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित किया जाए। उनका कहना है कि यदि पारदर्शी और समान व्यवस्था लागू नहीं की गई तो खाद की कालाबाजारी, नकली खाद की बिक्री तथा किसानों के शोषण की शिकायतें बढ़ सकती हैं। प्रशासन यदि समय रहते प्रभावी व्यवस्था करता है तो ऐसी समस्याओं पर अंकुश लगाया जा सकता है।














