मनासा// प्रदेश के लाखों विधवा, दिव्यांग, निराश्रित एवं वृद्ध महिला-पुरुषों की समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित किया है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन राशि में वृद्धि करने तथा प्रत्येक माह समय पर पेंशन का भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की है। मनासा विधानसभा मे विधायक के द्वारा और उसके परिवार के अन्य लोगों द्वारा विधायक की नेम प्लेट का दुरुप्रयोग और हूटर को अवैधानिक तरीके से उपयोग कर अवहेलना की जा रही है उसे लेकर ओर संरक्षा पेंशन योजना में वृद्धा विधवा विकलांग पेंशन को बढ़ाने को लेकर लाडली बहना के 3000 रु वृद्धा विधवा विकलांग पेंशन के 2500 रु के फार्म भरवाने का कार्य लोगों के बीच जाकर भरवाए जाते हुए कल से विरोध में हस्ताक्षर अभियान भी चलाया जावेगा
रमेश गुर्जर ने में कहा कि प्रदेश के लाखों हितग्राही वर्तमान में गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। पिछले चार माह से अनेक पात्र हितग्राहियों को समय पर पेंशन राशि प्राप्त नहीं हो रही है। इसके कारण वृद्ध, दिव्यांग, विधवा एवं निराश्रित महिलाएँ और पुरुष नगर पालिका, नगर परिषद, नगर निगम, बैंकों तथा ऑनलाइन केंद्रों के लगातार चक्कर लगाने को मजबूर हैं। हर जगह उन्हें यही जवाब मिलता है
कि अभी पेंशन जारी नहीं हुई है।
सामाजिक सुरक्षा पेंशन इन जरूरतमंद लोगों के लिए केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि सम्मानपूर्वक जीवन जीने का आधार है। अधिकांश हितग्राही शारीरिक अक्षमता, वृद्धावस्था अथवा पारिवारिक परिस्थितियों के कारण रोजगार करने में सक्षम नहीं हैं। ऐसे में उन्हें मिलने वाली पेंशन से ही दूध, दवाइयाँ, सब्जी, उपचार और अन्य आवश्यक घरेलू खर्च पूरे होते हैं। समय पर पेंशन नहीं मिलने से उनका जीवन अत्यंत कठिन हो गया है।
गुर्जर ने मुख्यमंत्री से दो प्रमुख मांगें रखते हुए कहा कि पहली, विधवा, दिव्यांग और वृद्धजनों की पेंशन प्रत्येक माह की 10 तारीख तक अनिवार्य रूप से उनके बैंक खातों में जमा कराई जाए। दूसरी, वर्तमान में दी जा रही मात्र 600 प्रतिमाह की सामाजिक सुरक्षा पेंशन को बढ़ाकर न्यूनतम 2500 प्रतिमाह किया जाए, ताकि बढ़ती महंगाई के दौर में जरूरतमंदों को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर मिल सके।
आज के समय में 600 प्रतिमाह की राशि भोजन, दवाइयों, कपड़ों एवं अन्य आवश्यक जरूरतों की पूर्ति के लिए पूरी तरह अपर्याप्त है। जिन लोगों के पास आय का कोई अन्य साधन नहीं है, उनके लिए यह स्थिति अत्यंत चिंताजनक है।
रमेश गुर्जर ने विभिन्न आम आदमी पार्टी के दिल्ली राज ओर पंजाब की योजना की बात रखते हुए कहा कि देश के अन्य राज्यों का उदाहरण देते हुए कहा कि हरियाणा में 23200, गोवा में 73000, दिल्ली में 2500, आंध्र प्रदेश में 4000, तेलंगाना एवं पश्चिम बंगाल में 2000, उत्तराखंड में ?1875, केरल में 1600, महाराष्ट्र, पंजाब एवं हिमाचल प्रदेश में ?1500 तथा राजस्थान, गुजरात, तमिलनाडु एवं छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में मध्यप्रदेश की तुलना में अधिक सामाजिक सुरक्षा पेंशन दी जा रही है। ऐसे में मध्यप्रदेश में भी पेंशन राशि बढ़ाने का समय आ गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने गरीब, किसान, महिलाओं, युवाओं एवं समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण के लिए अनेक जनहित कार्यों में रुचि कम दिखाते हुए सब को परेशान किया जा रहा है सभी वर्गों में सभी विभागों में लौट की खुली छूट दे रखी हैक इसी संवेदनशीलता के साथ यदि सामाजिक सुरक्षा पेंशन को बढ़ाकर न्यूनतम ?2500 प्रतिमाह किया जाता है तो इससे के साथ महिलाओं के सशक्तिकरण, दिव्यांगजनों के सम्मान, वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा तथा सामाजिक न्याय की भावना को भी मजबूती मिलेगी।
रमेश गुर्जर ने कहा कि किसी भी संवेदनशील सरकार की पहचान समाज के सबसे कमजोर और असहाय वर्ग के प्रति उसकी प्रतिबद्धता से होती है। मध्यप्रदेश के लाखों दिव्यांगजन, वृद्धजन, विधवाएँ एवं निराश्रित महिलाएँ सरकार से आशा लगाए बैठी हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से जनभावनाओं का सम्मान करते हुए पेंशन राशि बढ़ाने एवं समय पर भुगतान सुनिश्चित करने का निर्णय लेने का आग्रह किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार का सकारात्मक निर्णय लाखों जरूरतमंद परिवारों के जीवन में नई आशा, आत्मविश्वास बना रहे इसे लेकर 1 जुलाई से मनासा विधानसभा में कई सहयोग कर्मी कार्यकर्ताओं को फार्म बाटे गए है अब कल से लाडली बहना वृद्धा विधवा विकलांग पेंशन योजना के फार्म गली मोहल्लों के नुक्कड़ में बाट कर भरवाए जाएंगे साथ ही नाम प्लेट हूटर और 4 माह से जनहित सुरक्षा पेंशन योजना 4 माह से नहीं मिली उसके विरोध में हस्ताक्षर अभियान भी चलाया जाएगा















