घर में घुसकर मारपीट करने वाले 05 आरोपीगण को 01-01 वर्ष का सश्रम कारावास।

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जावद। श्रीमती शुभा रिछारिया दीक्षित, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, जावद, जिला नीमच के द्वारा घर में घुसकर लट्ठ व लोहे के सरियें से फरियादी व अन्य व्यक्तियों के साथ मारपीट करने वाले 05 आरोपीगण (1) गोपाल पिता गोवर्धन बावरी, उम्र-48 वर्ष, (2) अर्जुन पिता भेरूलाल बावरी, उम्र-45 वर्ष, (3) विष्णु पिता भगतराम बावरी, उम्र-35 वर्ष, (4) सुरेश पिता लालसिंह बावरी, उम्र-29 वर्ष एवं (5) निर्भय पिता भेरूलाल बावरी, उम्र-42 वर्ष, सभी निवासी-ग्राम मोडी, थाना-जावद, जिला-नीमच को धारा 452, 325/149 भारतीय दण्ड संहिता, 1860 के अंतर्गत 01-01 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 500-500रू. अर्थदण्ड, धारा 323/149 भारतीय दण्ड संहिता, 1860 के अंतर्गत 06-06 वर्ष के साधारण कारावास एवं 200-200रू. अर्थदण्ड तथा धारा 147 भारतीय दण्ड संहिता, 1860 के अंतर्गत 03-03 माह के सश्रम कारावास एवं 200-200रू. अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।

प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी करने वाले एडीपीओं  सुखराम गरवाल द्वारा घटना की जानकारी देते हुुए बताया कि घटना लगभग 8 वर्ष पूर्व की होकर दिनांक 2 मार्च 2018 की शाम के 06ः30 बजे ग्राम मोड़ी स्थित फरियादी के घर की हैं। फरियादी कारूलाल ने थाना जावद पर रिपोर्ट लिखाई कि वह ग्राम मोड़ी में रहता हैं तथा उसने ग्राम पंचायत मोडी की सरपंच मुन्नीबाई के विरूद्ध शिकायत कर रखी है, जिस पर पंचायत जावद द्वारा जांच की जा रही है, इस कारण सरपंच परिवार के लोग उससे रंजिश रखते हैं। इसी बात को लेकर घटना दिनांक को जब वह अपने घर पर बैठा था, तभी सरपंच मुन्नीबाई का पति गोपाल लट्ठ लेकर घर के अंदर घुस आया और बोला कि ‘‘तू शिकायत वापस ले लेना नहीं तो अच्छा नहीं होगा।‘‘ फिर वह घर के बाहर आया तो घर के बाहर ओटले पर विष्णू, श्यामलाल पिता मोहनलाल, श्यामलाल पिता भेरूलाल, सुरेश, निर्भयसिंह तथा अर्जुन सभी एकमत होकर अपने हाथों में लटठ व सरिये लेकर खडे़ थे। गोपाल ने उसको लटठ की मारी, जिससे उसके पैर में लगी, जब वह चिल्लाया तब जगदीश, शांतिलाल, गोपाल, अनिल, पारस व भेरू भी आ गये थे। श्यामलाल ने सरिये की शांतिलाल को मारी। निर्भय ने गोपाल को लटठ की मारी, जिससे गोपाल के सिर पर लगी। विष्णू ने जगदीश को लटठ से मारा जिससे उसको माथे पर लगी। श्यामलाल ने अनिल को सरिये से मारा जिससे अनिल के हाथ में लगी। सुरेश ने पारस को लट्ठ की मारी जिससे पारस के सिर पर लगी। अर्जुन ने भेरू को सरिये से मारा जिससे उसके माथे पर चोट लगी। भेरू, बलवंतसिंह व मोड़ीराम ने आकर बीच बचाव किया। मारपीट के कारण आहत शांतिलाल को गंभीर चोट आकर उसका हाथ में फ्रैक्चर हो गया था। फरियादी की रिपोर्ट पर से अपराध पंजीबद्ध किया जाकर, विवेचना के उपरांत अभियोग-पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। प्रकरण के विचारण के दौरान ही अभियुक्तगण श्यामलाल पिता मोहनलाल तथा श्यामलाल पिता भेरूलाल की मृत्यु हो जाने से शेष अभियुक्तगण के विरूद्ध विचारण के पश्चात् यह निर्णय पारित किया गया।

विचारण के दौरान अभियोजन की ओर से न्यायालय में फरियादी, आहतगण सहित सभी महत्वपूर्ण गवाहों के बयान कराकर अपराध को संदेह से परे प्रमाणित कराते हुवे आरोपीगण को कठोर दण्ड से दण्डित किये जाने का निवेदन किया गया, जिस पर से माननीय न्यायालय द्वारा आरोपीगण कोे उपरोक्त दण्ड से दण्डित किया गया। प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी  सुखराम गरवाल, एडीपीओ एवं
रितेश कुमार सोमपुरा सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी
मीडिया सेल प्रभारी ने जानकारी दी

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