मनासा/नीमच।
नीमच जिले के मनासा क्षेत्र में खिमला प्लांट और महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत जल संरक्षण, जल निकासी, पौधारोपण एवं प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन (Natural Resource Management–NRM) से जुड़े कार्यों में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं और करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार के आरोप सामने आ रहे हैं।
प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन (NRM) मनरेगा का एक महत्वपूर्ण घटक है। इसके अंतर्गत जल, जंगल और जमीन के संरक्षण एवं विकास से जुड़े कार्य विभिन्न विभागों के संयुक्त अभिसरण (Convergence) से कराए जाते हैं। इनमें कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, जल संसाधन विभाग, जल निगम, जनपद पंचायत, स्वच्छता मिशन, वन विभाग, पशु चिकित्सा विभाग सहित लगभग 18 विभागों की भूमिका बताई जाती है।
आरोप है कि इन विभागों के माध्यम से कराए गए कई कार्यों में गंभीर वित्तीय अनियमितताएं हुई हैं। जल संरक्षण, नालों का निर्माण, तालाबों का गहरीकरण, पौधारोपण तथा अन्य विकास कार्यों में कई स्थानों पर कार्य अधूरे मिले, कुछ कार्य केवल कागजों तक सीमित बताए जा रहे हैं, जबकि कई जगह निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, तो करोड़ों रुपये के वित्तीय घोटाले का खुलासा हो सकता है। उनका आरोप है कि जिन योजनाओं का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन और ग्रामीण विकास था, उनमें पारदर्शिता के अभाव से शासन की मंशा और जनता के हितों को नुकसान पहुंचा है।
आम आदमी पार्टी जिला इकाई किसान संगठन ग्रामीणों एवं सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि पूरे मामले की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए, सभी कार्यों का भौतिक सत्यापन कराया जाए तथा यदि अनियमितताएं प्रमाणित होती हैं तो संबंधित अधिकारियों एवं जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
(स्पष्टीकरण): इस समाचार में उल्लिखित भ्रष्टाचार संबंधी बातें स्थानीय स्तर पर लगाए गए आरोपों और प्राप्त जानकारियों पर आधारित हैं। इन आरोपों की पुष्टि सक्षम जांच एजेंसी द्वारा की जानी शेष है। जांच एजेंसी की जांच पूरी होने तक इन्हें समस्त विभागों के अधिकारियों कर्मचारियों की चल अचल संपति और सभी शासकीय बैंक खातों को प्रतिबंध किए जाकर रिकवरी के लिए जिले स्तर तक के अधिकारी कर्मचारियों के तक को नजर बंद किए जाए जाकर जांच की जाए अरबों रुपए का घोटाला होगा उजागर प्रदेश में लगातार भाजपा सरकार के 20 से 10 सालों से जमे बैठे अधिकारियों कर्मचारि जो मनासा विधानसभा 228 में रहे और जिले में रहे सभी जन प्रतिनिधि अधिकारी कर्मचारि शामिल होने संभावना है
















