मनासा // आम आदमी पार्टी जिला इकाई ने बताए कि इन्हीं सरपंच इन्हीं खिलाफ मनासा विधानसभा क्षेत्र में अच्छी बारिश होने के बावजूद लगभग 29 गांवों में पिछले करीब 10 दिनों से जल निगम की पेयजल आपूर्ति बंद होने से ग्रामीणों को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ रहा है। कई गांवों में लोग बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हैं और वैकल्पिक व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।
आम आदमी पार्टी ने ग्रामीणों से पूछा ग्रामीणों का कहना है कि पंचायतों में पूर्व से पीएचई विभाग द्वारा निर्माणाधीन कुओं जैसी वैकल्पिक पेयजल व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं, लेकिन संकट की इस घड़ी में उनका प्रभावी उपयोग नहीं हो पा रहा है। सत्ता के ही3 से 4 सरपंच लोगों ने कलेक्टर को पानी की समस्या को लेके नियमित का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी और पंचायत प्रतिनिधि समय पर राहत उपलब्ध कराने में विफल रहे हैं।
इसी बीच क्षेत्र के कुछ लोगों ने गंगा बावड़ी पेयजल योजना, चंबलेश्वर जलाशय, खिमला पेयजल परियोजना तथा अन्य जल संरक्षण एवं जल निकायों से जुड़े कार्यों में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। आरोप लगाने वालों का दावा है कि पिछले लगभग 30 वर्षों में इन परियोजनाओं के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन अपेक्षित परिणाम नहीं मिले।
आरोपों के अनुसार चंबलेश्वर जलाशय की क्षमता बढ़ाने के बाद भी उसमें रेत और मिट्टी का भराव होने से जल संग्रहण प्रभावित हुआ है। वहीं क्षेत्र में स्थापित एक फिल्टर प्लांट भी पिछले लगभग दो वर्षों से बंद बताया जा रहा है, जिससे पेयजल व्यवस्था प्रभावित होने की बात कही जा रही है।
कुछ ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि भूमि अधिग्रहण, मुआवजा वितरण और निर्माण कार्यों में जल संसाधन विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग तथा राजस्व विभाग के स्तर पर अनियमितताएं हुईं। साथ ही यह भी दावा किया गया कि गंगा बावड़ी योजना पूरी नहीं होने से कंजार्डा, बख्तूनी, ढाकरखेड़ी सहित आसपास के गांवों का भूजल स्तर प्रभावित हुआ है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, बंद पड़ी पेयजल योजनाओं को तत्काल चालू किया जाए तथा प्रभावित गांवों में टैंकरों और अन्य वैकल्पिक माध्यमों से शीघ्र पेयजल उपलब्ध कराया जाए।

















